मुंबई, 05 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि वक्फ बिल अल्पसंख्यकों को टारगेट करने और चरणबद्ध तरीके से उन्हें खत्म करने के प्लान का हिस्सा लगता है। उन्होंने कैथोलिक चर्चों को निशाना बनाए जाने की भी आशंका जताई। सीएम ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुखपत्र 'ऑर्गनाइजर' के एक लेख पर चिंता जाहिर की है। इसमें चर्च की संपत्ति का जिक्र है। हालांकि, ऑर्गेनाइजर ने वह लेख अपनी वेबसाइट से हटा लिया है। विजयन ने कहा, 'ऑर्गनाइजर के लेख से समझा जाना चाहिए कि वक्फ बिल पास होने के बाद अब संघ कैथोलिक चर्च को निशाना बना रहा है। यह नकारात्मक संकेत देता है और RSS की मानसिकता दिखाता है। लेख में संघ की धर्म-विरोधी बहुसंख्यक सांप्रदायिक भावना दिखती है। वक्फ बिल पर उन्होंने ये भी कहा कि यह मुस्लिम अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों का हनन करता है। इसके विरोध में लोकतांत्रिक और सेक्युलर आंदोलन किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने ऑर्गनाइजर के आर्टिकल पर कहा, मैंने पहले ही कहा था कि वक्फ बिल अभी मुसलमानों पर हमला है, लेकिन आगे अन्य समुदायों को निशाना बनाया जाएगा। RSS बिना वक्त गंवाए अब ईसाइयों को निशाना बना रहा है। ऐसे हमलों से सिर्फ संविधान ही हमें बचा सकता है। 'हू हैज मोर लैंड इन इंडिया? द कैथोलिक चर्च वर्सेज वक्फ बोर्ड डिबेट' शीर्षक से छपे इस आर्टिकल में दावा किया गया था कि भारत में कैथोलिक संस्थाओं के पास 7 करोड़ हेक्टेयर जमीन है। इस तरह भारत सरकार के बाद देश में सबसे ज्यादा जमीन उनके पास है। लेख में आरोप लगाया गया है कि कैथोलिक संस्थाओं के अधीन अधिकतर जमीन ब्रिटिश शासन के दौरान इंडियन चर्च एक्ट 1927 के तहत अधिग्रहित की गई थी। इसमें 1965 के सरकारी आदेश के हवाले से लिखा गया था कि औपनिवेशिक काल के दौरान पट्टे पर दी गई जमीन अब चर्च की संपत्ति नहीं मानी जाएगी।
आपको बता दें, आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान ने शनिवार को वक्फ बिल के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। इससे पहले शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं लगाई गईं। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने यह याचिका लगाई। इधर, वक्फ बिल का समर्थन करने के बाद भाजपा के सीनियर लीडर और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन को धमकियां मिल रही हैं। उन्हें फोन कर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी लगातार धमकाया जा रहा है।