छुट्टी से लौटे RAS को IAS ने दी चेतावनी, 15 दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा, जानिए पूरा मामला

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Posted On:Saturday, April 5, 2025

मुंबई, 05 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) में 50 दिन की मेडिकल छुट्टी पर गए OSD विभु कौशिक (RAS) को MD नेहा गिरी (IAS) ने चार्जशीट थमा दी है। MD ने OSD पर 6 बिंदुओं का आरोप पत्र जारी करते हुए 15 दिन में अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा। इसमें दवाइयों की खरीद समय पर नहीं करने के आरोप लगाए हैं। एमडी नेहा गिरी ने 15 दिन में जवाब नहीं देने पर एकतरफा विभागीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। MD नेहा गिरी ने मेडिकल लीव से लौटे OSD से बीमारी और स्वस्थता का प्रमाण पत्र देने के लिए भी कहा है। ऐसा नहीं करने पर तमाम छुट्टियों को रद्द करने की बात कही है।

इधर, MD की ओर से दी गई चार्जशीट पर अब सवाल भी उठने लगे हैं। राजस्थान सिविल सेवा नियम-1958 के जानकारों का कहना है, किसी भी सुपर टाइम स्केल के राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारी को चार्जशीट या उससे निलंबित करने का काम डीओपी डिपार्टमेंट करता है। जिस विभाग या निगम में अगर कोई RAS नियुक्त है तो उस विभाग का HOD उस RAS अधिकारी को सीधे चार्जशीट देने या निलंबित करने के बजाय विभाग के मंत्री तक फाइल भेजकर मंजूरी लेने के बाद DOP से सिफारिश कर सकता है। इससे पहले MD का हेल्थ डिपार्टमेंट की प्रमुख शासन सचिव गायत्री ए. राठौड़ से भी विवाद हो चुका है। मौसमी बीमारियों की रिव्यू बैठक में दोनों अधिकारियों के बीच ये विवाद हुआ था, जिसके बाद से MD ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी की बुलाई जाने वाली बैठकों से दूरी बना ली।

MD नेहा गिरी ने ये आरोप लगाए है। जिसमे पहला, 24 दिसंबर 2024 को OSD ने फाइल भेजी, जिसमें 268 तरह की दवाइयां, सर्जिकल आइटम खरीद के वर्क ऑर्डर जारी किए जाने थे। इनमें से कुछ दवाइयों और वर्क ऑर्डर के कॉन्ट्रैक्ट का समय 31 दिसंबर 2024 को पूरा हो रहा था। तत्कालीन कार्यवाहक MD ने इनमें से जरूरी दवाइयों की ही खरीद करने और उसकी सूची भेजने के निर्देश दिए। इस प्रक्रिया में देरी हुई और दवाइयां खरीद नहीं हो सकी। दूसरा, जब 31 दिसंबर को रेट कॉन्ट्रैक्ट की अवधि पूरी हो रही थी, तो उससे 7 दिन पहले ही क्यों वर्क ऑर्डर की फाइल चलाई गई। जबकि आपके पास बफर स्टॉक की पूरी जानकारी थी। इसके अलावा MD ने जब 26 दिसंबर को जरूरी दवाइयों की खरीद की सूचना मांगी तो उसे समय पर क्यों नहीं दी गई? तीसरा, अन्य 137 दवाइयों की खरीद के लिए वर्क ऑर्डर पहले स्तर पर अप्रूव्ड होने के बावजूद OSD ने वर्क ऑर्डर की फाइल को तीन माह तक क्यों मंजूर नहीं किया ? चौथा, 107 तरह की अन्य दवाइयों के वर्क ऑर्डर ड्राफ्ट में थे, लेकिन उन्हें भी 2-3 माह से जारी नहीं किया गया, इसके पीछे क्या कारण रहा? पांचवा, साल 2024-25 में दवाइयों की खरीद के वर्क ऑर्डर साल 2022-23 और साल 2023-24 की तुलना में बहुत कम जारी हुए, इसकी गिरावट के क्या कारण रहे? छटवा, 21 फर्मों की 25 दवाइयां या सर्जिकल आइटम, जिनकी लाइफ कम अवधि की थी। इससे संबंधित मामला भी नवंबर 2024 में पेंडिंग पड़ा था। जिस पर आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की।


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