29 अगस्त 2025 को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने मुंबई में अपनी 48वीं सालाना आम सभा (AGM) आयोजित की। इस खास मौके पर चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि रिलायंस का लक्ष्य न केवल कारोबारी सफलता है, बल्कि हर भारतीय को समृद्ध और सशक्त बनाना भी है।
टेक्नोलॉजी से समृद्धि का रास्ता
अंबानी ने तीन प्रमुख टेक्नोलॉजी क्रांतियों – क्लीन एनर्जी, जीनोमिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) – को भारत के लिए बड़े अवसर बताया। क्लीन एनर्जी से पर्यावरण की रक्षा और ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जबकि जीनोमिक्स स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांति ला रहा है। वहीं, AI को उन्होंने "आज का कामधेनु" कहा, जो रिटेल, टेलीकॉम, एनर्जी और एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव ला रहा है।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2025 में रिलायंस ने ₹10.7 लाख करोड़ (125.3 बिलियन डॉलर) की रिकॉर्ड कमाई की। कंपनी का EBITDA ₹1.83 लाख करोड़ और मुनाफा ₹81,309 करोड़ रहा। 5.6 लाख करोड़ रुपये के निवेश और ₹2.1 लाख करोड़ के टैक्स योगदान के साथ, रिलायंस भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली कंपनियों में बनी हुई है। पिछले तीन साल में कंपनी ने समाज के लिए ₹5,000 करोड़ से ज्यादा खर्च किए और अब तक 6.8 लाख लोगों को रोजगार दिया है, जिसे बढ़ाकर 10 लाख तक ले जाने का लक्ष्य है।
जियो की डिजिटल क्रांति
जियो ने 50 करोड़ यूजर्स के साथ देश को डिजिटल रूप से सशक्त किया है। सस्ता डेटा और फ्री कॉल ने डिजिटल इंडिया को हकीकत बनाया। जियो 2026 की पहली छमाही में IPO लाने की तैयारी कर रही है। वहीं, जियो की नई टेक्नोलॉजी जैसे JioPC, Jio AI Cloud और JioFrames भारत को एक AI-नेटिव इकोनॉमी बनाने में मदद कर रही हैं।
मीडिया और एंटरटेनमेंट में नई ऊंचाइयां
रिलायंस और डिज्नी की साझेदारी से बने जियोस्टार ने जियोहॉटस्टार को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बना दिया है। RIYA, JioLenZ और मैक्सव्यू जैसे फीचर्स दर्शकों को पर्सनलाइज्ड अनुभव दे रहे हैं। नेटवर्क18 और मनीकंट्रोल जैसे प्लेटफॉर्म भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
AI के लिए नई कंपनी: रिलायंस इंटेलिजेंस
रिलायंस ने ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ नाम से नई AI-केंद्रित कंपनी की घोषणा की है। इसका लक्ष्य है क्लीन एनर्जी से चलने वाले डेटा सेंटर, ग्लोबल पार्टनरशिप (जैसे गूगल और मेटा), और भारत में AI-आधारित हेल्थ, एजुकेशन और एग्रीकल्चर सॉल्यूशंस का विकास।
रिटेल और कंज्यूमर सेगमेंट में मजबूती
रिलायंस रिटेल भारत का सबसे बड़ा रिटेल नेटवर्क बन चुका है, जिसकी कमाई ₹3.3 लाख करोड़ और EBITDA ₹25,094 करोड़ रहा। वहीं, RCPL नामक नई FMCG कंपनी ने पहले ही साल में ₹11,500 करोड़ की कमाई की और अब मिडिल क्लास और ग्रामीण बाजारों को सस्ते और क्वालिटी प्रोडक्ट्स उपलब्ध करा रही है।
निष्कर्ष
रिलायंस की AGM सिर्फ कंपनी के विकास की कहानी नहीं थी, बल्कि यह भारत के भविष्य की झलक भी थी। टेक्नोलॉजी, समृद्धि और सामाजिक बराबरी की दिशा में रिलायंस जो कदम उठा रही है, वह देश को एक आत्मनिर्भर, डिजिटल और समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में अहम साबित होंगे।